दुर्भीति Phobia


 दुर्भीति (Phobia)

phobia

  दुर्भीति एक बहुत ही सामान्‍य चिन्‍ता विकृति हैं। जिसमें व्‍यक्ति किसी वस्‍तु (Object) या परिस्थिति( Situation) से असंतुल‍ित रूप से डरता हैं, जो वास्‍तव में व्‍यक्ति के लिए कोई खतरा न के बार-बार उत्‍पन्‍न करता हैं।

  कोलमैन (Coleman) के अनुसार ''किसी वस्‍तु या स्थिति के प्रति स्‍थाई भय, जो के रोगी के सम्‍मुख किसी प्रकार का वास्‍तविक खतरा उपस्‍थ‍िति नही करता हैं, को दुर्भीति,असंगत भय को Phobia कहते हैं।  Phobia  एक प्रकार का असामान्‍य भय हैं। इस प्रकार के भय से व्‍यक्ति अपने आपको मुक्‍त नही कर पाता हैं।''

  केमरॉम(Camrom) के अनुसार '' दु‍र्भीति या Phobia प्रतिक्रिया एक ऐसा प्रयास हैं, जो प्रक्रियाओं के माध्‍मय से आंतरिक रूप से उत्‍पन्‍न तनाव व चिंता को कम करता हैं।''

  इन परिभाषाओं के स्‍पष्‍ट होता हैं कि Phobia में व्‍यक्ति या रोगी किसी ऐसे वस्‍तु या परिस्थिति से डरता हैं।जिससे सामान्‍य रूप में कोई खतरा नही होता हैं। उसका डर इतना अत्‍याधिक होता हैं कि इससे रोगी का सामान्‍य जीवन का व्‍यवहार अपअनुकुलित(Maladapted) हो जाता हैं। इस तरह के भय में यह पाया जाता हैं कि डर दिन-प्रतिदिन जीवन में सामान्‍य डर से भ‍िन्‍न होता हैं। जैसे:- जिस व्‍यक्ति में मकडा से दुर्भीति(Phobia) उत्‍पन्‍न हो गया हैं। वह उस कमरें में नही जाता हैं, जिस कमरे में मकडा मौजूद हैं, स्‍पष्‍टत: मकडा एक ऐसा जीव जन्‍तु हैं जो व्‍यक्ति के लिए कोई खतरा पैदा नही करता हैं, परन्‍तु इससे दुर्भीत‍ि(Phobia) उत्‍पन्‍न हो जाती हैं। जिस कारण व्‍यक्ति के सामान्‍य व्‍यवहार में परिवर्तन दिखलाई देता हैं। 

दुर्भीति (Phobia) के सामान्‍य लक्षण या नैदानिक विशेषताऍं (Symptoms or clinical features of phobias) :-

  अमेरीकन मनश्चिकित्‍सक संघ(American Psychiatric Association or APA, 1994) के अनुसार दुर्भीत‍ि के निम्‍नांकित प्रमुख लक्षण होते हैं:- 

(i) किसी विशिष्‍ट परिस्थिति या वस्‍तु से इतना अधिक सतत डर(persistent 

fear) जो वास्‍तविक खतरा के अनुपात से कहीं अधिक होता हैं।

 (ii) व्‍यक्ति को उस विशिष्‍ट वस्‍तु या परिस्थिति से सामना होने पर अत्‍यधिक 

चिंता या विभीषका दौरा(panic attack) भी उत्‍पन्‍न हो जाता हैं।

(iii) व्‍यक्ति या रोगी यह समझता है कि डर अत्‍यधिक या अवास्‍तविक हैं।

(iv) व्‍यक्ति दुर्भीत‍ि उत्‍पन्‍न करने वाली परिस्थिति या वस्‍तु से दूर रहना पसंद 

करता हैं।

इस प्रकार कई लक्षण के अतिरिक्‍त ऐसे व्‍यक्तियों में अन्‍य कई तरह के लक्षण दिखलायी देते हैं। जैसे:- तनाव, सिरदर्द, पेट मे गडबडी आदि दुर्भीति में प्राय: विषाद(Depression) के लक्षण भी देखने को मिलते हैं। जिससे रोगियों में किसी विषय के लेकर निर्णय लेने मे काफी कठिनाई हो जाती है, जिसे कॉफमैन(Kaufmann,1973) ने निर्णय दु‍र्भीति(Decidophobia) कहा हैं।

दुर्भीति के प्रकार(Types of Phobia)

दुर्भीत‍ि (Phobia) के मुख्‍य तीन प्रकार बतलाये गये हैं:- 

(क) विशिष्‍ट दुर्भीति (Specific Phobia)
(ख) एगोरा दुर्भीति (Agoraphobia)
(ग) सामाजिक दुर्भीति (Social phobia) 


(क) विशिष्‍ट दुर्भीति (Specific Phobia) 

विशिष्‍ट दुर्भीति एक ऐसा असंगत(irrational) डर होता है जो विशिष्‍ट वस्‍तु या परिस्थिति की उपस्थिति या उसके अनुमान मात्र से ही उत्‍पन्‍न होता हैं। जैसे:- बिल्‍ली से डरना एक विशिष्‍ट दुर्भीतिको उदाहरण हैं। संपूर्ण दुर्भीति का करीब 3 प्रतिशत दुर्भीति ही विशिष्‍ट दुर्भीति होती हैं। विशिष्‍ट दुर्भीति निम्‍न तरह के होते हैं जिन्‍हे मूलत: निम्‍नांकित 4 भागों मे बॉंटा गया हैं:-

1. पशु दु‍र्भीति(Animal Phobia)

यह दुर्भीति बहुत ही सामान्‍य प्रकार की विशिष्‍ट दुर्भीति हैं। इसमें रोगी विशेष तरह के पशु से कुछ कारणों से  असंगत ढंग से डरने लगता हैं। पशु दुर्भीति महिलाओं मे अधिकतर पायी जाती हैं। इसकी शुरूआत बाल्‍यावस्‍था(Childhood) से होती हैं। पशु दुर्भीति निम्‍नांकित हैं:- 

बिल्‍ली (cat) से डर : एल्‍यूरोफोबिया(ailurophobia)

कुत्‍ता (dogs) से डर : साइनोफोबिया(cynophobia)

कीट-मेकोडो (insects)से  डर : इन्‍सेक्‍टोफोबिया(insectophobia)

मकडा(spiders) से डर : एरेकनोफोबिया(Arachnophobia)


चिडियों(birds) से डर : एविसोफोबिया(aviophobia)

घोडा से डर : इक्‍यूनोफोबिया(equinophobia)

सॉंप से डर :      ओफिडयोफोबिया(ophidiophobia)

कुन्‍तकों(rodents) से डर : रोडेनटोफोबिया(ophidiophobia)

जीवाणुओं या रोगाणुओं से डर : माइसोफोबिया(mysophobia)

(ii) अजीवित वस्‍तु से उत्‍पन्‍न दुर्भीति(Inanimate object phobia)- 

  इसमें रोगी कुछ अजीवित वस्‍तुओं से असंगत डर(irrational fear) दिखलाता हैं। जैसे, सम्‍भव है कि व्‍यक्ति अंधेरा(darkness) से या गंदगी से ऐसा असंगत डर दिखलाना प्रारंभ कर दे। पशु दुर्भीति के समान ही इस तरह के दुर्भीति का केन्‍द्र बिंदु कोई एक विशेष वस्‍तु(object) होता है वरना अन्‍य दृष्टिकोणों से व्‍यक्ति सामान्‍य दिखाता हैं। इस तरह की दुर्भीति पशु दुर्भीति की तुलना में अधिक सामान्‍य (common) हैं तथा वे पुरूष एवं महिला दोनों में ही लगभग समान रूप से होता हैं। इस तरह की दुर्भीति की एक विशेषता यह भी है कि यह किसी भी उम्र में व्‍यक्ति में हो सकता हैं। ऐसे दुर्भीति के प्रमुख प्रकार निम्‍नलिखित हैं:-

आंधी-तूफान(strom) से डर : ब्रौनटोफोबिया(brontophobia)

ऊँचाई(heights) से डर : एक्रोफोबिया(acrophobia)

अंधेरा(darkness) से डर : नाइक्‍टोफोबिया(nyctophobia)

बंद जगहों(closed spaces) :     क्‍लाऊस्‍ट्रोफोबिया(claustrophobia)

अकेलापन(being alone) : मोनोफोबिया(monophobia)

आग(fire) से डर : पायरोफोबिया(pyrophobia)

भीड(crowds) से डर : ऑकलोफोबिया(ochlophobia)

हवाई जहाज से यात्रा करने का डर : एवियाफोबिया(aviophobia)

(iii) बीमारी एवं चोट से सम्‍बद्ध दुर्भीति(Illness and injury phobias)- 

  इस तरह की दुर्भीति में व्‍यक्ति में चोट, जख्‍म या अन्‍य तरह के बीमारी से सम्‍बद्ध असंगत डर(irrational fear) उत्‍पन्‍न हो जाता हैं हालांकि जिस बीमारी से वह इतना डरता हैं, उससे अब इतना डरने की बात नहीं हैं। ऐसे लोग अन्‍य दृष्टिकोड से सामान्‍य होते हैं परंतु उनमं इस बात का भयानक डर बना रहता हैं कि उसे जल्‍द ही अमुक बीमारी हो जाएगा। इस तरह के भयानक डर से ही उसमें कुछ लक्षण जैसे छाती में दर्द तथा पेट में दर्द आदि होने लगता हैं जिससे वह समझता है कि अब उसमें अमुक रोग उत्‍पन्‍न हो जाएगा। इस तरह की दुर्भीति की शुरूआत सामान्‍यत: मध्‍य आयु(middle ages) में होता हैं। इस तरह की दुर्भीति को नोसोफोबिया(nosophobia) कहा जाता है जिसके विशिष्‍ट सामान्‍य प्रकार कुछ इस तरह से हैं:-

मृत्‍यु(death) से डर : थैनेटोफोबिया(thanatophobia)

कैंसर(cancer) से डर : कैंसरोफोबिया(cancerophobia)

यौन रोगों(venereal) : वेनेरियोफोबिया(venereophobia)

(iv) रक्‍त दुर्भीति (Blood phobia):- इस तरह के रोगी में उन परिस्थितियों से असंगत डर(irrational fear) देने से रक्‍त निकल रहा हो। या अन्‍य कोई कारण से रक्‍त निकल रहा हो। इसी दुर्भीति के कारण वे मेडिकल जॉंच आदि से अपने को दूर रखते हैं। सामान्‍य जीवसंख्‍या का करीब 4% लोगों में रक्‍त दुर्भीति सामान्‍य मात्रा में पाया गया हैं। क्लिनकेनेचट्( klinknecht, 1994) के अनुसार रक्‍त दुर्भीति महिलाओं में पुरूषों की अपेक्षा अधिक होती हैं और इसकी शुरूआत अक्‍सर उत्‍तर बाल्‍यावस्‍था (later childhood) में होती हैं।

(ख) एगोरोफोबिया(Agoraphobia)

'एगोराफोबिया'( agoraphobia) का शाब्दिक अर्थ भीड-भाड या बाजार स्‍थलों (market places) ही होता हैं। परंतु वास्‍तविकता यह हैं कि एगोरोफोबिया में कई तरह के डर सम्मिलित होते हैं जिसका केन्‍द्र बिन्‍दु सार्वजनिक या आम स्‍थान (public place) ही होता है, जहॉं से व्‍यक्ति को ऐसा विश्‍वास होता हैं कि किसी तरह की घटना या दुर्घटना होने पर न तो कोई बचाव सम्‍भव है और न कोई बचाने के लिए ही आ सकता हैं। खरीददारी करने के लिए जाने से डर, भीड-भाड वाले स्‍थानों में प्रवेश से डर तथा यात्रा करने से डर आदि एगोराफोबिया के सामान्‍य अंश हैं। नैदानिक, मनोवैज्ञानिकों एवं मनश्चिकित्‍सकों के उपचार गृह में आने वाले दुर्भीति रोगियों में से करीब 60% रोगी एगोराफोबिया के ही होते हैं। यह महिलाओं में अधिक होता है तथा इसकी शुरूआत प्राय: किशोरावस्‍था तथा आरंभिक वयस्‍कावस्‍था(early adulthood) में होता हैं।

एगोराफोबिया की शुरूआत बार-बार आतंक दौरा(panic attack) होने से सामान्‍यत: होता है। इसमें कुछ और लक्षण भी स्‍पष्‍ट रूप से देखने को मिलते हैं। जैसे, इसमें तनाव(tension), घुमडी (dizziness), हल्‍का-फुल्‍का बाध्‍यता (compulsive) व्‍यवहार यथा बार-बार यह देखना कि दरवाजा बंद ठीक से  हैं कि नहीं या बिछावन के नीचे झाँककर यह देखना कि कहीं कोई घुस तो नहीं गया हैं, तथा विषादी प्रवृत्तियॉं (depressive tendencies) भी देखने को मिलती हैं। बगलास्‍स तथा उनके सहयोगियों(Buglass et al.,1977) के अनुसार एगोराफोबिया के रोगियों के करीब 93% रोगी ऐसे पाये गये जिनमें ऊँचाई एवं बंद जगहों से भी असंगत डर पाया गया। एगोराफोबिया में विखरित एवं अविशिष्‍ट चिंता(nonspecific anxiety) पाया जाता हैं तथा मार्क्‍स (Marks,1989) के अनुसार ऐसे रोगियों या क्‍लायंट के स्‍वायत तंत्रिका तंत्र(autonomic nervous system) से लिया गया रिकॉर्ड यह दिखलाता हैं कि जब वे आराम करते होते भी हैं तो उनमें उत्‍तेजन का स्‍तर काफी ऊँचा होता हैं।

Dsm-IV(TR) में एगोराफोबिया की उत्‍पत्ति विभिषका विकृति(panic disorder) के इतिहास के बिना या उसके साथ दोनों ही तरह से होते माना गया हैं,कुछ ऐसे व्‍यक्ति होते हैं जिनमें विभीषका विकृति में हुए आतंक या विभीषका दौरा(attack) के कारण एगोराफोबिया विकसित हो जाता है तथा कुछ ऐसे व्‍यक्ति होते हैं जिनमें ऐसे आतंक या विभीषका का कोई इतिहास नहीं होता है फिर भी उनमें यह रोग विकसित हो जाता हैं। यही कारण है कि DSM-IV(TR) में एगोराफोबिया को वास्‍तविक दुर्भीति (true phobia) का एक प्रकार न मानकर वि‍भीषका विकृति(panic disorder) का एक उपप्रकार(subtype) बतलाकर उसकी व्‍याख्‍या की गयी हैं।

(ग) सामाजिक दुर्भीत‍ि( Social phobia) 

  सामाजिक दुर्भीति वैसे दुर्भीति को कहा जाता है जिसमें व्‍यक्ति को अन्‍य व्‍यक्तियों की उपस्थिति का सामना करना पडता हैं। व्‍यक्ति को ऐसी परिस्थिति में यह डर बना रहता हैं कि उसका मूल्‍यांकन(evaluation) लोग करेंगे। फलत: वह ऐसी परिस्थितियों से दूर हटना चाहता है तथा वह चिंतित नजर आता हैं तथा वह काफी घबडाया हुआ दिखता हैं। इसे सामाजिक चिंता विकृति(social anxiety disorder) भी कहा जाता है। ऐसे लोग आम लोगों के बीच बोलने तथा कुछ विशेष तरह की भूमिका करने आदि से काफी डरते हैं। इतना ही नहीं, ऐसे लोग आम लोगों के साथ खाना खाने या सामाजिक पेशाब-पैखाना घरों के उपयोग से भी काफी डरते हैं।

सामाजिक दुर्भीति की शुरूआम प्राय: किशोरावस्‍था में होता है तथा 25 साल के बाद फिर शायद ही किसी व्‍यक्ति में इसका प्रकोप होता हैं। इसका कारण यह हैं कि किशोरावस्‍था में ही व्‍यक्ति प्रथम बार सही अर्थ में सामाजिक चेतना तथा अन्‍य लोगों के साथ अत: क्रियाओं से अवगत हो पाता हैं। यह विकृति सचमुच में पुरूष तथा महिला दोनों में ही समान रूप से होता पाया जाता हैं। टर्नर तथा उनके सहयोगियों(Turner et al., 1990) के अनुसार सामाजिक दुर्भीति का अन्‍य विकृतियों के साथ मिलकर होने की सम्‍भावना भी अधिक होती हैं। प्राय: यह देखा गया है कि यह विकृति सामान्‍यीकृत चिंता विकृति (generalized anxiety disorder), विशिष्‍ट दुर्भीति (specific phobia) विभीषका विकृति (panic disorder) तथा वाध्‍य व्‍यक्तित्‍व विकृतियों(compulsive personality disorder) के साथ-साथ भी उत्‍पन्‍न होता हैं।




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