वैज्ञानिक अनुसंधान क्या है
मूल रूप में, अनुसंधान शब्द का अर्थ एक अन्वेषण(enquiry) से रहता हैं, परन्तु कालान्तर में इसका रूप और अर्थ शनै:शनै: निरंतर संशोधित तथा विकसित होता गया हैं। आधुनिक वैज्ञानिक अनुसंधान इसी सतत् प्रगतिशील तथा तथा विकासशील प्रक्रम की ही देन हैं। वैज्ञानिक अनुसंधान की परिभाषा देते हुए करलिंगर ने लिखा हैं:-
'' वैज्ञानिक अनुसंधान एक ऐसा व्यवस्थित, नियंत्रित, आनुभाविक तथा सूक्ष्म अन्वेषण हैं, जिससे प्राकृतिक घटनाओं में व्याप्त अनुमानित संबंधों का अध्ययन परिकल्पनात्मक तर्क-वाक्यों के द्वारा किया जाता हैं।''
पी0एम0 कुक के अनुसार, 'अनुसंधान एक ऐसा निरपेक्ष, व्यापक तथा बौद्धिक अन्वेषण हैं, जिसमें एक दी गयी समस्या से सम्बन्धित तथ्यों तथा उनके अर्थों अथवा सम्बन्धों का अध्ययन किया जाता हैं।
जे0 डब्लू वेस्ट के अनुसार, 'अनुसंधान से अधिकतर विवेचन की वैज्ञानिक पद्धति के उपयोग के नियमबद्ध, क्रमबद्ध तथा गहन प्रक्रम का पता लगता हैं, इसमें अन्वेषण के लिए एक अधिक व्यवस्थित संरचना अन्तर्निहित रहती हैं, जिसके कारण उसमें अध्ययन की प्रक्रियाओं तथा परिणामों अथवा निष्कर्षों के प्रतिवेदन का एक प्रचार का नियमबद्ध अभिलेख रहता हैं।'
सी0सी0 क्रोफोर्ड के शब्दों में, 'अनुसंधान चिन्तन की एक ऐसी क्रमबद्ध तथा विशुद्ध प्रविधि हैं, जिसमें विशिष्ट यन्त्रों, उपकरणों तथा प्रक्रियाओं का उपयोग इस उद्देश्य से किया जाता हैं, ताकि एक समस्या का अधिक समुचित समाधान उपलब्ध हो सकें।
अनुसंधान की प्रमुख विशेषताऍं
(Main Characteristics of Research )
(1) अनुसंधान एक वैज्ञानिक अन्वेषण पद्धति हैं। इस आधार पर अनुसन्धान एक व्यवस्थित,
नियन्त्रित, निरपेक्ष, वस्तुनिष्ठ, गहन तथा आनुभाविक(empirical) अध्ययन होता हैं।
(2) इसका उद्देश्य एक दी गयी स्पष्ट तथा सीमित समस्या से संबंधित नवीन तथ्यों तथा सामान्य
नियमों की खोज करना होता हैं। अत: अनुसंधान एक अत्यन्त उद्देश्यपूर्ण,धैर्यपूर्ण तथा विवेकपूर्ण
प्रक्रम होता हैं।
(3) अनुसंधान में संबंधित समस्या के अध्ययन का आधार ऐसी परिकल्पना (hypothesis) अथवा
परिकल्पनात्मक तर्क-वाक्य (hypothetical propositions) होते हैं। जिनसे कि आनुभाविक
(empirical) तथा मात्रात्मक (quantitative) अध्ययन में सुविधा हो।
(4) इसमें संबंधित ऑंकडों का विश्लेषण वैज्ञानिक तथा सांख्यिकीय पद्धतियों के आधार पर किया
जाता हैं। इस प्रकार अनुसंधान का प्रक्रम सुव्यवस्थित विशिष्ट तथा वस्तुनिष्ठ होता हैं।
(5) इसमें प्राप्त परिणामों तथा संबंधों की पुनरावृत्ति (replication) इस उद्देश्य से बार-बार की जाती
हैं, ताकि सुनिश्चित तथा सुसंगत (consistent) निष्कर्ष उपलब्ध हो सके।
(6) अनुसंधान पर आधारित ज्ञान में एक प्रकार की क्रमबद्धता,निरन्तरता (continuity) तथा एकता
(unity) अन्तनिर्हिंत रहती हैं, तथा इस प्रकार का ज्ञान वैज्ञानिक मापदण्ड पर परिशुद्ध
(precise), वैध (valid) तथा विश्वसनीय(reliable) रहता हैं।
(7) अनुसंधान के प्रक्रम तथा प्राप्त निष्कर्षों को नियमबद्ध रूप से एक प्रतिवेदन(report) के रूप
में प्रस्तुत किया जाता हैं, ताकि उस क्षेत्र के आनेवाले अनुसंधानों में उसका सन्दर्भ सहज रूप से
उपलब्ध हो सके। इस आधार पर पर अनुसंधान के प्रतिवेदन का प्रकाशन भी अनुसंधान प्रक्रम
का एक महत्वपूर्ण अंग माना जाता हैं।
(Main Characteristics of Research )

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